Uttarkashi Tunnel: मजदूर ने बताई कहानी..कैसे गुजारे 17 दिन, क्या खाया, क्या पिया, कैसे गए शौचालय? 

Uttarkashi Tunnel: मजदूर ने बताई कहानी..कैसे गुजारे 17 दिन, क्या खाया, क्या पिया, कैसे गए शौचालय?

Uttarkashi tunnel: आपको बता दें कि देश में खुशी का माहौल बना हुआ है क्योंकि Uttarkashi Tunnel में पिछले 17 दिनों से फंसे हुए मजदूरों को बचा लिया गया है। सभी मजदूरों को मुख्यमंत्री जी ने शॉल उड़ा कर उनका स्वागत किया है।

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सरकार ने घोषणा की है कि प्रत्येक मजदूरों को एक-एक लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। तथा इलाज के लिए सभी मजदूरों को बेहतर सुविधाएं और अच्छे हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।

हमारे मन में इतने दिनों से यह बात जरूर आई होगी कि मजदूरों ने 17 दिन इस सुरंग में कैसे बिताई उन्होंने क्या खाया होगा क्या पिया होगा तथा वह शोंच आदि कैसे गए होंगे। मजदूरों के द्वारा की गई कुछ बातों को आपको बताते हैं।

मजदूरों की दिनचर्या कैसी थी:

Uttarkashi tunnel में फंसे हुए एक मजदूर जिसका नाम ओरांव है उन्होंने बताया कि हम सभी मजदूर 12 नवंबर को सुरंग में कार्य कर रहे थे, तभी बहुत जोर से मलवे के गिरने की आवाज आई तथा बहुत तेजी से सुरंग का मलवा नीचे गिरने लगा। हम सभी लोगों ने भागने की कोशिश की लेकिन हम सभी फंस गए।

अब हमें यह एहसास हुआ कि हम मलवे में बुरी तरह फंस चुके हैं और यहां से निकल पाना अब नामुमकिन है, और हमारी बेचैनी बढ़ गई। हमारे पास किसी भी तरीके का खाने पीने का सामान नहीं था और ना ही हमारे पास बिजली आदि की सुविधा थी।

लेकिन 41 मजदूरों के एक साथ होने के कारण हमने हिम्मत नहीं हारी, और हमने उम्मीद बनाई रखी और फिर करीब 24 घंटे के बाद 13 नवंबर को हमें इलायची वाला चावल दिया गया तभी हम समझ गए की हमारी टनल में रेस्क्यू टीम पहुंच गई है। जिसने हमें खाने का सामान दिया है, तब हम बहुत खुश हुए और हमें विश्वास हो गया कि हम बच जाएंगे।

मोबाइल फोन का इस्तेमाल:

Uttarkashi tunnel में स्थित मजदूरो ने बताया कि हमारे पास केवल एक ही मोबाइल था लेकिन उसमें नेटवर्क नहीं होने की वजह से हम उसे किसी भी तरीके का संपर्क नहीं कर पा रहे थे, तब उसमें स्थित लूडो एप्लीकेशन से हम मनोरंजन करने लगे तथा अपने समय को काटने लगे। हम एक दूसरे से ज्यादा से ज्यादा बात कर रहे थे तथा एक दूसरे की परेशानियों को कम करने की कोशिश कर रहे थे।

नहाने और शौच आदि के लिए कहां गए:

Uttarkashi tunnel  में फंसे हुए मजदूरों ने बताया कि हमारे पास नहाने के लिए तो एक प्राकृतिक स्रोत था जिससे पानी की व्यवस्था हो रही थी लेकिन शौच आदि के लिए हमने कुछ दूरी पर एक जगह बनाई थी इसका इस्तेमाल हम करते थे।

बाहर निकालने के बाद आगे की मंशा:

अब हम आपको बताएंगे की टनल में फंसे हुए मजदूरों की अब आगे की क्या मंशा है वह आगे क्या करना चाहते हैं। तो सबसे पहले झारखंड के रहने वाले एक मजदूर जिनका नाम विजय हीरो है| उनका कहना है कि अब हम अपने राज्य में ही कार्य करेंगे और उनके भाई का कहना है कि हम पढ़े-लिखे लोग हैं तथा अब हम झारखंड में रहकर ही नौकरी करेंगे और यदि हमें किसी भी तरीके से बाहर जाने की जरूरत पड़ी तो भी हम जोखिम वाली नौकरी नहीं करेंगे।

ओरांव का कहना है कि उन्होंने 17 दिन Uttarkashi Tunnel में सिर्फ यह सोचकर बताया कि भगवान उनकी मदद जरूर करेंगे और एक न एक दिन वह यहां से बाहर जरूर निकलेंगे और अपने परिवार से मिल सकेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अब वापस उसी काम पर लौटना चाहेंगे तो उन्होंने कहा कि सर मेरी तनख्वाह 18000 रुपए है और मेरा अभी ऐसा कोई विचार नहीं है कि मैं काम पर जाऊं। अब कुछ समय बाद में यह विचार करूंगा कि मुझे कम पर वापस जाना है या अब कोई नया काम ढूंढना है।

आपको बता दें कि 17 दिन इस Uttarkashi Tunnel में फंसे होने के बाद भी मजदूरों का जोश कम नहीं हुआ और वह दूसरों का हौसला बढ़ाते गए और एक दूसरों की परेशानियों को मानसिक रूप से कम करते रहे। यही सब चीजों की वजह से आज वह बिना किसी नुकसान के बाहर आ सके और अपने परिवार वालों से मिल चुके हैं।

मजदूरों के परिवार वालों का कहना है कि अब हम हमारे परिजनों के बाहर आने की खुशी में दिवाली मनाएंगे जो दिवाली हम पहले नहीं मना पाए थे उसे अब हम अपने भाई बहनों के साथ मनाएंगे।

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हेलो मेरा नाम Sumit Dubey है| मेरी योग्यता BSC(computer science) और कंप्यूटर के क्षेत्र में किया गया एक Diploma(DCA) है| मैं पिछले 4 वर्षों से Blogging से जुड़ा हुआ हूं| मैंने कई तरह की वेबसाइट बनाई हैं| जिसमें से एक Wideindianews.com है| धन्यवाद...

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