मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 | Mukhyamantri krishak durghatna kalyan yojana online form

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 | Mukhyamantri krishak durghatna kalyan yojana online form

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा शुरू की जा रही Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2024 उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के अंतर्गत, जो किसान किसी दुर्घटना में प्रभावित होता है, उसे सरकारी सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अगर किसी किसान की दुर्घटना में मृत्यु होती है, तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, अगर किसान 60 फीसदी से अधिक दिव्यांग हैं, तो उन्हें अधिकतम 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शुरू की गई है ताकि किसानों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।

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Table of Contents

मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना 2024: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा की योजना

उत्तर प्रदेश के किसानों को समर्पित होकर, मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना 2024 को मंगलवार, 21 जनवरी 2024 को लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में मंज़ूरी दी गई है। इस योजना का प्रबंधन जिलाधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना 2024 के अंतर्गत वह किसान जो 14 सितंबर 2019 के बाद किसी दुर्घटना में प्रभावित हुए हैं, उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ किसानों को इस लाभ का अधिकार होगा। हम इस आर्टिकल के माध्यम से इस योजना से जुड़ी सभी जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की समीक्षा

  • स्वीकृत दावे: जिला अधिकारी जगजीत कौर ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 18 दावों में से 4 दावों को स्वीकार किया है।
  • निरस्त दावे: 6 दावों को निरस्त कर दिया गया है।
  • पेंडिंग दावे: 8 दावों को अपूर्ण होने के कारण पेंडिंग कर दिया गया है।
  • लाभार्थी कौन: योजना के तहत सभी लाभार्थी को योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा।
  • योजना की शर्तें: लाभ उठाने के लिए किसानों को राज्य का स्थाई निवासी होना और मुख्य इनकम खेती से आनी चाहिए। किसान की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • अन्य लाभ: यदि किसान किसी अन्य की जमीन पर खेती करता है और उसकी किसी दुर्घटना के कारण मृत्यु हो जाती है या फिर वह दिव्यांग हो जाता है, तो भी वह योजना का लाभ उठा सकता है।
  • पेंडिंग दावों का निर्णय: जिलाधिकारी ने पेंडिंग दावों को किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रखने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य:

  • योजना का उद्देश्य: कृषकों की सुरक्षा और उनके परिवारों की जीविका का साधन करना।
  • दुर्घटना में होने पर मृत्यु या हानि होने पर सहायता: योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
  • सभी किसानों को शामिल किया जाएगा: योजना के तहत राज्य के सभी किसानों को शामिल किया जाएगा।
  • आकस्मिक मृत्यु/विकलांगता से प्रभावित किसानों को मुआवजा: योजना के अंतर्गत सभी आकस्मिक मृत्यु/विकलांगता से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
  • किसानों की सुरक्षा में सरकार का सहयोग: यह योजना किसानों को उनकी सुरक्षा में सरकारी सहायता प्रदान करके उनकी मदद करेगी।

यूपी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में शामिल दुर्घटनाएं

  • आग लगने, बाढ़, बिजली गिरने, करंट लगने सहित विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाएं शामिल हैं।
  • सर्पदंश, जीव-जंतु व जानवर के काटने, मारने व आक्रमण से होने वाली दुर्घटनाएं भी योजना में शामिल हैं।
  • हत्या, आतंकवादी हमला, लूट, डकैती, मारपीट में हुई वाली दुर्घटनाएं भी कृषकों के लिए कल्याण योजना का हिस्सा हैं।
  • समुद्र, नदी, झील, तालाब, पोखर व कुएं में डूबने से होने वाली दुर्घटनाएं भी सम्मिलित हैं।
  • रेल, सड़क और हवाई यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं भी कृषकों के लिए संज्ञान में ली जाएंगी।
  • आंधी-तूफान, वृक्ष से गिरने, दबने व मकान गिरने जैसी दुर्घटनाओं का भी समावेश है।
  • आकाश से बिजली गिरने, आग लगने, बाढ़ आदि में होने वाली दुर्घटनाएं भी योजना के अंतर्गत हैं।
  • सीवर चैंबर में गिरने से होने वाली दुर्घटनाएं भी योजना में शामिल हैं।

कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 में दी जाने वाली सहायता धनराशि

कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024 में दी जाने वाली सहायता धनराशि के बारे में नई जानकारी आयी है। यह योजना कृषकों को उनकी दुर्घटना में सहायता प्रदान करने का उद्देश्य रखती है।

  • दुर्घटना में जो किसी का दोनों हाथ, पैर या आंख का नुकसान होता है, उसे 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • अगर किसी का केवल एक हाथ या पैर का नुकसान होता है, तो भी 100 प्रतिशत सहायता मिलेगी।
  • एक आंख, एक पैर या एक हाथ की क्षति होने पर, 50 प्रतिशत सहायता उपलब्ध होगी।
  • अगर किसी की दुर्घटना में मौत होती है या फिर वह पूर्ण शारीरिक अक्षम हो जाता है, तो 100 प्रतिशत सहायता उपलब्ध होगी।
  • स्थायी दिव्यांगता जो 50 प्रतिशत से अधिक लेकिन 100 प्रतिशत से कम है, उसके लिए 50 प्रतिशत सहायता प्रदान की जाएगी।
  • और जो स्थायी विकलांगता 25 प्रतिशत से अधिक लेकिन 50 प्रतिशत से कम है, उसके लिए 25 प्रतिशत सहायता होगी।

यह योजना कृषकों को उनकी सुरक्षा और भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

Krishak Durghatna Kalyan Yojana 2024 की पात्रता

  • पात्रता मान्यता: यह योजना उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी किसानों को प्रदान किया जाएगा।
  • आयु सीमा: इस योजना के तहत, 18 से 70 वर्ष की आयु वाले किसानों को पात्र माना जाएगा।
  • खातेदारों की श्रेणी: जब किसानों के खातेदार/सह खातेदार दुर्घटना में मृत्यु या विकलांगता का शिकार होते हैं, तो उनके परिवार के सदस्य – माता-पिता, पति-पत्नी, पुत्र-पुत्री, पुत्रवधु, पौत्र-पोत्री, जिनकी आजीविका का प्रमुख साधन खातेदार/सह खातेदार की दर्ज कृषि भूमि से चलता है, वे इस योजना के अंतर्गत पात्र होंगे।
  • अतिरिक्त पात्रता: इसके अलावा, उन किसानों को भी योजना का लाभ प्राप्त होगा जिनके पास स्वयं की भूमि नहीं है, और वे बटाई या पटटे पर खेती करते हैं,

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2024: एक महत्वपूर्ण निर्णय के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • खतौनी की प्रमाणित प्रति: खतौनी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो भूमि संपत्ति के मालिकी की पहचान करता है।
  • रजिस्टर्ड निजी पट्टेदार हेतु प्रस्तर् 3(क) के अनुसार पट्टे की प्रमाणित प्रति: यह दस्तावेज निजी पट्टेदारों के लिए आवश्यक होता है जो किसी सम्पत्ति का दायरा लेना चाहते हैं।
  • बटाईदार हेतुप्रस्तर् 3(ख) के अनुसार कोई एक प्रमाण पत्र: यह दस्तावेज बटाईदारों को उनकी उपस्थिति की पुष्टि के लिए आवश्यक होता है।
  • आयु का प्रमाण: आयु का प्रमाण उन दस्तावेजों में से एक है जो व्यक्ति की उम्र की पुष्टि करता है।
  • निवास का प्रमाण: यह दस्तावेज निवास की पुष्टि करता है, जो किसी व्यक्ति के निवास का पता बताता है।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा जहां पर पोस्टमार्टम संभव नहीं है वहां पर पंचनामा: यह दस्तावेज मौत के मामलों में आवश्यक होता है, जो मृतक के कारण की पुष्टि करता है।
  • मृत्यु प्रमाण पत्र: यह प्रमाण पत्र व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि करता है।
  • दिव्यांग का की स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र: यह दस्तावेज दिव्यांग व्यक्तियों की स्थिति की पुष्टि करता है और उन्हें सरकारी लाभों और सुविधाओं का उपयोग करने में मदद करता है।
  • उत्तराधिकार प्रमाण पत्र: यह प्रमाण पत्र विरासत के मामलों में उत्तराधिकारी की पहचान करता है।
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति: यह दस्तावेज वित्तीय संबंधों की पुष्टि करता है और बैंक के खाताधारक की पहचान करता है।
  • मोबाइल नंबर: मोबाइल नंबर एक संपर्क जानकारी है जो व्यक्ति की पुष्टि करती है और आवश्यकता के समय उससे संपर्क किया जा सकता है।
  • आधार कार्ड: आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण पहचान दस्तावेज है जो भारतीय नागरिकता और व्यक्तिगत पहचान की पुष्टि करता है।

इन दस्तावेजों का महत्वपूर्ण और सुचारु रूप से उपयोग किया जाना चाहिए ताकि सामाजिक, वित्तीय और कानूनी मामलों में सही निर्णय लिया जा सके

Mukhyamantri Krishak Durghatna Kalyan Yojana के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:

  • फॉर्म डाउनलोड करें: सबसे पहले, आपको योजना के आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना होगा।
  • जानकारी भरें: फॉर्म में अपना नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, पता, दिनांक, थाना, तहसील, जनपद, और दुर्घटना का कारण जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भरें।
  • दस्तावेज अपलोड करें: सभी आवश्यक दस्तावेजों को फॉर्म के साथ अपलोड करें।
  • फॉर्म जमा करें: सम्बंधित तहसील में आवेदन फॉर्म को जमा करें।
  • अवधि का पालन करें: आवेदन पत्र को दुर्घटना के डेढ़ माह की अवधि के भीतर भरें।
  • अत्यावश्यकता में अवधि बढ़ाएं: यदि अपरिहार्य परिस्थितियों में, जिलाधिकारी द्वारा आवेदन की अवधि को 1 माह तक बढ़ाया जा सकता है।
  • ध्यान दें: ध्यान दें कि आवेदन की अवधि 2.5 माह से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इस प्रकार, आप मुख्यमंत्री कृषि दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं और अपने अधिकारों का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना ऑफलाइन आवेदन

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत ऑफलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित धारणाओं का पालन किया जाना चाहिए:

  • जिला कलेक्टर के पास जाना: सर्वप्रथम, किसानों को अपने जिले के कलेक्टर के कार्यालय में जाना होगा। यहाँ से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया आरंभ होगी।
  • आवेदन पत्र प्राप्त करना: किसान को वहां से आवेदन पत्र प्राप्त करना होगा, जिसमें सभी आवश्यक जानकारी भरनी होगी।
  • जानकारी भरना: आवेदन पत्र में किसान को सभी पूछी गई जानकारी दर्ज करनी होगी, जैसे कि नाम, पता, कृषि सम्बंधित जानकारी, आदि।
  • दस्तावेज़ अपलोड करना: आवेदन पत्र के साथ सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपलोड करना होगा, जैसे कि आधार कार्ड, किसान पंजीकरण प्रमाणपत्र, आदि।
  • तहसील में आवेदन जमा करना: अब किसानों को यह आवेदन पत्र अपनी तहसील के कार्यालय में जमा करना होगा।
  • दस्तावेज़ों की जांच: अधिकारियों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों और आवेदन की जांच की जाएगी।
  • धनराशि का उपलब्ध करवाना: घटना और दस्तावेजों की सफाई होने के बाद, किसान एवं किसान के परिजनों को योजना के अनुसार धनराशि प्रदान की जाएगी।

यह सम्पूर्ण प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए, किसान अपनी कृषि से जुड़ी दुर्घटना के मामले में योजना का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना online आवेदन पत्र के निस्तारण की प्रक्रिया:

  • आवेदन पत्र जमा करना: दुर्घटना होने की स्थिति में कृषक के वारिस को आवेदन पत्र निर्धारित अवधि के अंदर जमा करना होगा। यह आवेदन पत्र तहसील कार्यालय में जमा किया जाएगा।
  • रसीद प्राप्त करना: आवेदन पत्र की प्राप्ति की रसीद आवेदक को दी जाएगी।
  • सूचनाओं का सत्यापन: आवेदन पत्र में दी गई सूचनाओं का सत्यापन संबंधित तहसीलदार द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारी के माध्यम से किया जाएगा।
  • उप जिलाधिकारी को प्रेषित करना: 2 सप्ताह के भीतर आवेदन पत्र उप जिलाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा।
  • अभिलेखों की संरक्षण: सभी अभिलेखों की छाया प्रति तहसील कार्यालय में संरक्षित की जाएगी और उसका विवरण तहसील कार्यालय के रजिस्टर या कंप्यूटर में भी संरक्षित किया जाएगा।
  • री चेकिंग: उप जिलाधिकारी सभी पात्र अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने के लिए री चेकिंग करेंगे।
  • जिलाधिकारी को प्रेषित करना: संतुष्ट होने पर 1 सप्ताह के भीतर आवेदन पत्र जिलाधिकारी को निस्तारण के लिए प्रेषित किया जाएगा।
  • क्रॉस वेरिफिकेशन: उप जिलाधिकारी के स्तर पर किया गया क्रॉस वेरिफिकेशन थर्ड पार्टी चेक के रूप में माना जाएगा।
  • भुगतान का प्राप्त करना: जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन पत्र प्राप्त होने से बाद 1 सप्ताह के अंदर आवेदन पत्र का परीक्षण कर नियमानुसार लाभ की राशि का भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
  • स्वीकृति या अस्वीकृति की सूचना: जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा आवेदन पत्र की स्वीकृति या फिर अस्वीकृत होने की सूचना उप जिला अधिकारी, तहसील को भी प्रदान की जाएगी।
  • मासिक समीक्षा: इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए जिलाधिकारी तथा मंडल आयुक्त द्वारा आवेदन पत्रों का निस्तारण की नियमित रूप से मासिक समीक्षा की जाएगी।
  • वेब पोर्टल का विकास: योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए वेब पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।
  • आवेदन पत्र का जमा: जब तक यह वह पोर्टल तैयार नहीं होता तब तक आवेदन पत्र सीधे संबंधित तहसील में जमा किए जाएंगे।
  • सूचनाएं प्रदान करना: प्रदेश के समस्त जनपदों के आवेदन पत्रों से संबंधित समस्त सूचनाएं जनपद द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से आवेदन: पोर्टल लागू होने के बाद ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किए जा सकेंगे

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के बजटीय व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यय

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: उत्तर प्रदेश की बजटीय व्यवस्था और प्रशासनिक व्यय

  • धनराशि का आवंटन: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 2021-22 के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के कार्यान्वयन के लिए 175 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की है।
  • आर्थिक सहायता की व्यवस्था: प्रत्येक वित्तीय वर्ष में बजट में से इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाएगी।
  • प्रशासनिक व्यय: तहसील, जनपद और राजस्व परिषद स्तर पर योजना के कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय हेतु धनराशि की आवश्यकता होगी।
  • धनराशि का प्रयोग: उक्त धनराशि को कार्यालयव्यय, यात्रा व्यय, प्रशिक्षण के लिए यात्रा आदि में प्रयोग किया जाएगा।
  • धनराशि की प्राप्ति: प्राप्त हुई बजट की धनराशि वित्तीय नियमों के अनुसार जिलाधिकारियों को प्रदान की जाएगी।
  • सत्यापन: जिला अधिकारियों द्वारा यह धनराशि कृषक या उनके वारिसों के सत्यापन के बाद प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (FAQ)

1. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य क्या है?

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य है कि यदि किसानों को किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है या उन्हें हानि पहुंचती है, तो उनके परिवार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस योजना के तहत, यूपी सरकार द्वारा किसानों के परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुआवजा प्रदान किया जाता है।

2. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में कौन-कौन सी दुर्घटनाएं शामिल हैं?

इस योजना में निम्नलिखित दुर्घटनाएं शामिल हैं:

  • आग लगना, बाढ़, बिजली गिरना, करंट लगना
  • सर्पदंश, जानवरों के हमले
  • हत्या, आतंकवादी हमले, लूट, डकैती
  • समुद्र, नदी, झील, तालाब, कुएं में डूबना
  • रेल, सड़क और हवाई यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं
  • आंधी-तूफान, वृक्षों से गिरना, मकान गिरना
  • आकाश से बिजली गिरना, आग लगना

3. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में दी जाने वाली सहायता धनराशि कितनी है?

योजना के अनुसार, विभिन्न प्रकार की चोटों के लिए निम्नलिखित धनराशि प्रदान की जाती है:

  • दोनों हाथ या पैर की क्षति – 100%
  • एक हाथ या पैर की क्षति – 100%
  • एक आंख, एक पैर या एक हाथ की क्षति – 50%
  • दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण शारीरिक अक्षमता – 100%
  • स्थायी दिव्यांगता 50% से अधिक लेकर 100% तक – 50%
  • स्थायी विकलांगता 25% से अधिक लेकर 50% तक – 25%

4. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की पात्रता क्या है?

इस योजना का लाभ उन किसानों को प्रदान किया जाता है जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी होते हैं। पात्रता में शामिल होने के लिए किसान की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
इसके अलावा, उन किसानों को भी योजना का लाभ मिलता है जिनके पास स्वयं की भूमि नहीं है, लेकिन वे बटाई या पटटे पर खेती करते हैं।

5. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभ कैसे प्राप्त किए जा सकते हैं?

योजना के लाभ को प्राप्त करने के लिए, दुर्घटना के घटनाक्रम के बाद उपयुक्त प्रमाण पत्रों के साथ किसान को अपने गाँव के कृषि विभाग के आधिकारिक केंद्र में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ, उपयुक्त सभी आवश्यक दस्तावेजों को भी जमा करना होगा।

6. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई सम्बन्ध है क्या?

नहीं, यह एक राज्य स्तरीय योजना है और केवल उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ प्रदान करती है। इसका कोई अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई संबंध नहीं है।

7. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का आवेदन कैसे किया जा सकता है?

योजना के लाभ के लिए आवेदन करने के लिए किसान को अपने गाँव के कृषि विभाग के केंद्र में जाना होगा। वहां, उन्हें आवेदन पत्र भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाना होगा।

8. कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभ के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख क्या है?

आवेदन करने की अंतिम तारीख आमतौर पर दुर्घटना के घटनाक्रम के बाद 30 दिन होती है, लेकिन यह आपके राज्य के नियमों पर निर्भर कर सकता है। इसलिए, सबसे अच्छा है कि आप त्वरित रूप से आवेदन करें और अपने स्थानीय कृषि विभाग से अधिक जानकारी प्राप्त करें।

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हेलो मेरा नाम Sumit Dubey है| मेरी योग्यता BSC(computer science) और कंप्यूटर के क्षेत्र में किया गया एक Diploma(DCA) है| मैं पिछले 4 वर्षों से Blogging से जुड़ा हुआ हूं| मैंने कई तरह की वेबसाइट बनाई हैं| जिसमें से एक Wideindianews.com है| धन्यवाद...

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