Delhi Air Pollution: बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार करेगी इस दिन कृत्रिम वर्षा!

Delhi Air Pollution: बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार करेगी इस दिन कृत्रिम वर्षा!

Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में जलन व खांसी की समस्या हो रही है, जिससे उन्हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है इसके समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने कुछ कदम उठाने का प्रयास किया है| दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा दिल्ली में प्रथम वर्ष करने की कोशिश की जा रही है जिसके लिए एक नियत तारीख तय की गई है आईए जानते हैं

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दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार जल्दी ही लगभग 20 नवंबर तक प्रथम वर्ष करने का विचार कर रही है| जिसके लिए कार्य शुरू कर दिया गया जिससे दिल्ली का पॉल्यूशन कम किया जा सकेगा। इसकी रूपरेखा आईआईटी कानपुर द्वारा बनाई गई है और उसे दिल्ली सरकार को सौंप दिया गया है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल सिंह द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि आज उन्होंने आईआईटी कानपुर के सांसद द्वारा एक मीटिंग की है जिसमें पूरी रूपरेखा तैयार करके उसे अदालत के सामने पेश किया जाएगा तथा 20 या 21 नवंबर को प्रथम वर्ष करने की पूरी कोशिश की जाएगी|

कृत्रिम वर्षा अधिक बादल होने पर ही अच्छी तरीके से कराई जा सकती है, इसलिए 20 या 21 नवंबर को अधिक बादल होने की संभावना व्यक्त की गई है तभी-कभी वर्षा कराई जाएगी।

कृत्रिम वर्षा कब कराई जाती है?

भारतीय मौसम विज्ञान आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि कृत्रिम वर्षा केवल तभी कराई जा सकती है जब बादलों में नमी हो या अधिक मात्रा में बादल बने हो। पहले भी भारत देश में तमिलनाडु, कर्नाटक आदि जगहों पर कृत्रिम वर्षा कराई गई है। भारत में अभी तक उतनी कृत्रिम वर्षा की जरूरत नहीं पड़ी है इसलिए अधिक शोध नहीं किया जा सका है लेकिन दिल्ली की आगामी देखते हुए अब कृत्रिम वर्षा का उपयोग किया जाएगा।

क्लाउड सीडिंग कैसे कराई जाती है?

क्लाउड सीडिंग का उपयोग ऐसे क्षेत्रों में किया जाता है जहां वर्षा कम होती है, जहां पानी की मात्रा कम होती है| क्लाउड सेटिंग करने के लिए पोटेशियम आयोडाइड, सिल्वर आयोडाइड और सुखी बर्फ को शामिल किया जाता है, और उसे किसी माध्यम के द्वारा आकाश में पहुंच कर फैला दिया जाता है इससे कृत्रिम वर्षा होती है।

दिल्ली में क्यों बड़ा इतना प्रदूषण

आपको बता दें कि इस समय पंजाब और हरियाणा में बहुत अधिक मात्रा में परली जलाया जाता है, जिससे वह हवा में उड़कर प्रदूषण के रूप में आसपास के राज्यों शहरों में फैल जाता है जिससे प्रदूषण फैलता है| इसलिए दिल्ली में 1 से 15 नवंबर तक अधिक प्रदूषण देखा गया है जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई फेफड़ों में सूजन और खांसी का सामना करना पड़ता है। 

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हेलो मेरा नाम Sumit Dubey है| मेरी योग्यता BSC(computer science) और कंप्यूटर के क्षेत्र में किया गया एक Diploma(DCA) है| मैं पिछले 4 वर्षों से Blogging से जुड़ा हुआ हूं| मैंने कई तरह की वेबसाइट बनाई हैं| जिसमें से एक Wideindianews.com है| धन्यवाद...

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